गुणवत्ता की महाक्रांति, संकल्प शपथ दोहरायेंगे।
हम उत्पादन के प्रहरी, उत्पादन मान बढ़ायेंगे।।
गौरवशाली तकनीकि का, रचते हैं इतिहास नया।
सदा उन्नति के पथ पर दें भारत को आयाम नया।।
नयी सोच व नये सृजन से गुणवत्ता अपनानी है।
विश्व शिखर पर भारत की,गुणवत्ता को पहुचानी है।।
हम सेना की शक्ति ,शस्त्र का स्वाभिमान बढ़ायेंगे।
गुणवत्ता की महाशक्ति का हम सम्मान दिलायेंगे।।
गुणवत्ता की महाक्रांति, संकल्प शपथ दोहरायेंगे।
हम उत्पादन के प्रहरी , उत्पादन मान बढ़ायेंगे।।
ग्राहक की संतुषिट को गर , तुमने कभी नहीं खोई।
प्रतिस्पर्धा का साहस कर सके देश फिर ना कोई।।
टी पी एम के साधन से गुणवत्ता लक्ष्य साध्य होगी।
दुनिया भारत के पीछे चलने का , तभी बाध्य होगी।।
हम भारत की शाख विश्व के मानचित्र पर लायेंगे।
गुणवत्ता से अर्थ तंत्र का विकसित रूप दिखायेंगे।।
गुणवत्ता की महाक्रांति, संकल्प शपथ दोहरायेंगे।
हम उत्पादन के प्रहरी, उत्पादन मान बढ़ायेंगे।।
अनुशासित हो कार्यप्रणाली गुणवत्ता की जननी है।
सस्ते और टिकाउ की पहचान हमारी अपनी है।।
हो नवशोध शस्त्र की खतिर खर्च बचाना है हमको।
आयुध निर्माणी का झण्डा फिर लहराना है हमको।।
सत्य और निष्ठा के संग हम इच्छा शक्ति बढ़ायेंगे।
गुणवत्ता उन्नत स्वरूप से, हिन्दुस्तान जगायेंगे।।
गुणवत्ता की महाक्रांति, संकल्प शपथ दोहरायेंगे।
हम उत्पादन के प्रहरी, उत्पादन मान बढ़ायेंगे।।
दिनांक 3.11.2013
- नवीन मणि त्रिपाठी
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